उत्तराखंडऋषिकेश

एमआईटी संस्थान में चल रही सभी विभागों के छात्र छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज

-लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है शिक्षण सामग्री

-संस्थान के निदेशक रवि जुयाल के निर्देशन में लगातार चल रही है ऑनलाइन क्लासेज

 

ऋषिकेश।इस कोविड-19 लॉकडाउन समय में जहां सभी शिक्षण संस्थान बंद है,ऐसे में एमआईटी संस्थान में सभी विभागों के छात्र छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज व्हाट्सएप,गूगल क्लासरूम ऐप के जरिए लगातार चल रही है ताकि लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो।

इसके लिए विद्यार्थियों का व्हाट्सएप ग्रुप तथा गूगल क्लासरूम बनाया गया है जहां अध्ययन सामग्री को साझा किया जा रहा है अगर किसी विद्यार्थी को कोई दिक्कत होती है तो वह सीधे शिक्षकों को व्हाट्सएप कर सकता है।विद्यार्थी इस व्हाट्सएप ग्रुप के साथ ही शिक्षकों को व्यक्तिगत मैसेज भी कर सकते हैं।

ऑनलाइन क्लासेज के साथ-साथ ही एमआईटी संस्थान के आईटी विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन MCQ टेस्ट आज संपन्न हुआ जोकि शनिवार से प्रारंभ हुआ था।इसमें आईटी विभाग के सभी छात्र-छात्राओं ने अपने घर से ही गूगल क्लासरूम ऐप के माध्यम से प्रतिभाग किया।

इसके लिए एमआईटी संस्थान के आईटी विभाग ने ऑनलाइन टेस्ट टेक्नोलॉजी के माध्यम से सभी छात्र-छात्राओं को इस कोविड-19 लॉक डाउन समय में घर पर रहकर ही ऑनलाइन MCQ टेस्ट देने का प्लेटफॉर्म तैयार किया था।

इसके साथ-साथ ही सभी छात्र छात्राओं की व्हाट्सएप तथा गूगल क्लासरूम ऐप के माध्यम से प्रत्येक दिन की उपस्थिति घर पर रहकर ही दर्ज की जाती है तथा सभी छात्र छात्राओं का उपस्थिति डाटा मेंटेन रखा जाता है।

आईटी विभाग में विभागाध्यक्ष की गाइडेंस में सभी छात्र छात्राओं को ऑनलाइन वीडियो क्लासेस भी दी जा रही है ओर इसी क्रम में आईटी विभागाध्यक्ष प्रदीप पोखरियाल ने शिक्षा संकाय के ICT विषय का पाठ्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पूर्ण किया। इसके साथ ही सभी छात्र छात्राओं को प्रतिदिन ऑनलाइन असाइनमेंट दिया जाता है।

जिसको वह पूर्ण कर ईमेल व्हाट्सएप अथवा गूगल क्लासरूम पर अपलोड करते हैं।महाविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग की कक्षाएं भी ऑनलाइन अयोजित की जा रही हैं,संकाय छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यवस्तु उपलब्ध करवा रहे हैं।

एमआइटी संस्थान के निदेशक रवि जुयाल के निर्देशन में ऑनलाइन पाठ्यक्रम का कार्य तकनीक पूर्ण संसाधनों द्वारा लगातार चल रहा है जिसके लिए संस्थान के निदेशक ने सभी अध्यापकों का अपने विचारों के माध्यम से उत्साहवर्धन किया।

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