उत्तराखंडऋषिकेश

टीएचडीसी श्रमिक संगठन संबंध भारतीय मजदूर संघ द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

-टीएचडीसी ऋषिकेश के एजीएम द्वारा भेजा गया प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को ज्ञापन

ऋषिकेश।बुधवार 10 जून 2020 को टीएचडीसी श्रमिक संगठन संबंध भारतीय मजदूर संघ द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

टीएचडीसी श्रमिक संगठन संबंध भारतीय मजदूर संघ ने टीएचडीसी ऋषिकेश के एजीएम एन के प्रसाद के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को ज्ञापन भेजा गया।

ज्ञापन प्रस्तुति का समय संध्या 6:30 p.m. रहा ओर भारतीय मजदूर संघ द्वारा संबंध सभी सार्वजनिक क्षेत्र की यूनियन द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र बचाओ भारत बचाओ अभियान के साथ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन बड़ा ही सराहनीय रहा सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए इस एक दिवसीय सार्वजनिक धरने की प्रस्तुति देखते ही बनती थी यूनियन द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि ट्रेड यूनियन होने के नाते हम मूल्यवान राष्ट्रीय परिसंपत्तियों अर्थात् सार्वजनिक क्षेत्र के संबंध में सरकार द्वारा लिए गए /लिए जा रहे निर्णय से सहमत नहीं है।

टीएचडीसी श्रमिक संगठन संबंध भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री संजीव विश्नोई द्वारा बताया गया कि आजादी के पश्चात भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य के शुरू किए गए थे यह एक घोर विडंबना प्रतीत होती है कि आजादी के 70 वर्ष बाद देश के विकास के सबसे दमदार स्तंभ सार्वजनिक क्षेत्र को सहायक बनाने का निर्णय लेना उस समय लिया जा रहा है जब भारत के प्रधानमंत्री मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता के बारे में बातें करते हैं।

इस कठिनाई के समय में सार्वजनिक क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र के योगदान की तुलना विश्लेषण किया जाना चाहिए यदि योगदान को छोड़ भी दिया जाए तो अधिकांश निजी क्षेत्र इस वर्तमान परिस्थिति को संभालने में अपने कर्मचारियों के प्रति मानवता दिखाने के मामले में सरकार के अनुरोध एवं आदेश को पालन करने से सीधे तौर से मना कर देते हैं सरकार निजी क्षेत्र से छटनी व वेतन में कटौती न करने हेतु अनुरोध करती है जिसे निजी क्षेत्र साफतौर से मना कर देते हैं यह तथ्य सर्वविदित है कि मैं व्यापार में अपनी मानवीय जिम्मेदारियों को पूर्ण करने के लिए नहीं है उनका प्रमुख उद्देश्य लाभ कमाना वह इसे बनाए रखना है।

इसके विपरीत सार्वजनिक क्षेत्र की संकल्पना एवं कार्य का उद्देश्य और संभव तरीके से देश की सेवा एवं नागरिकों की मदद करना है यूनियन द्वारा मोदी को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि जब पूरा देश कोविड-19 यह योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए लाइट बंद करने का अनुरोध किया तो पावर ग्रिड ने पूरे देश में एक साथ लाइट बंद के कारण किसी प्रकार की स्थान अस्थिरता से बचने के लिए दुगनी गति से कार्य किया।

अन्य ने निर्विघ्न ईंधन की आपूर्ति संचार,वेंटिलेटर का उत्पादन एविएशन एफसीआई के द्वारा विभिन्न सेवाएं प्रदान की गई इस प्रकार की प्रत्येक परिस्थितियों को झेलने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुख क्षेत्र जैसे आयल ,इस्पात ,कोयला, विद्युत टेलीकॉम ,अभियांत्रिकी, रक्षा रेलवे आत्मनिर्भर बना है एवं नई ऊंचाइयों को छुआ है।

आपको बता दें यूनियन द्वारा बताया गया कि सीपीएसयू बहुत अधिक प्रयासों एवं विशाल ढांचे के साथ स्थापित किए गए थे इसलिए पीएसयू का सुचारू कार्य करना उचित पूर्ण एवं आवश्यक है निजी कंपनियों के हाथों में पीएसयू को देने का निर्णय घातक सिद्ध होगा सरकार इन पीएसयू की बेटी हुई भूमि मशीनरी को कभी भी प्राप्त नहीं कर पाएगी इसके अलावा सरकार इन विशाल आधारित संरचना को पुणे स्थापित नहीं कर पाएगी जो कि देश के विशालतम एवं बहुत ही उपयोगी परिसंपत्ति है वास्तविकता की जानकारी लेने एवं सीपीएसयू से संबंधित इन मामलों को रोकने की मांग की।

जिसमें बताया गया कि पीएसयू का निजीकरण एवं विनिवेश और पीएसयू की राजनीति विक्रय एफडीआई कैंप की वृद्धि व बैंकों बीमा पीएसयू का विलय और कोयला क्षेत्र का वाणिज्य करण श्रमिक नियमों में श्रमिक विरोधी बदलाव एवं प्रत्येक क्षेत्र उद्योग की स्थानीय मांग के लिए अनुरोध किया गया ज्ञापन को प्रस्तुत करते समय टीएचडीसी श्रमिक संगठन के महामंत्री संजीव बिश्नोई और संयुक्त मंत्री रामसेवक जसवंत सिंह और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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