उत्तराखंड

पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी देहरादून द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना/शाखा प्रभारियों के साथ गोष्ठी आयोजित

एस के विरमानी/देहरादून। मंगलवार 09 जून 2020 की देर रात्रि पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी देहरादून द्वारा पुलिस लाइन देहरादून में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना/शाखा प्रभारियों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई।

गोष्ठी के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण तथा राज्य सरकार द्वारा सभी सार्वजनिक सेवाओं में दी जा रही छूट से सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने तथा पुलिस के दैनिक कार्यों में जनता से सीधे सम्पर्क के दौरान पुलिसकर्मियों में संक्रमण के फैलने की आशंका के दृष्टिगत पूर्व में बनाई गई एसओपी के अनुरूप सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण का रूटीन कार्यों का निर्वहन करें,ड्यूटी के दौरान इस बात का ध्यान हमेशा रहे कि संक्रमण से बचाव सर्वोपरी है,अपने कार्यों के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करें।

 

साथ ही ड्यूटी के दौरान संक्रमण से बचाव हेतु बनाये गये नियमों से किसी प्रकार का समझौता ना करें। ड्यूटी के दौरान आपका उद्देश्य खुद को सुरक्षित रखते हुऐ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होना चाहिए तथा हमेशा प्रयास यह रहे कि खुद को दूसरों से संक्रमित होने से बचाना है तथा दूसरों को खुद से,उसके बावजूद भी यदि तमाम प्रयासों के बाद भी कोई कर्मी संक्रमित हो जाता है, तो प्रयास यही है कि उसका दायरा सीमित हो।

 

वर्तमान परिदृश्य में जब सभी सार्वजनिक सेवाओं में आम जनमानस हेतु रियायत दी जा रही है,इस दौरान हमें रूटीन पुलिसिंग के अन्य कार्यों के लिये भी तैयार रहना होगा। इस दौरान हमें एसओपी के अनुरूप ही ड्यूटी के दौरान सावधानियां बरतनी होंगी तथा उनका निरंतर अभ्यास करते हुए उन्हें अपनी दैनिक आदतों में शुमार करना होगा,नियमों का पालन करने से काफी हद तक संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।

प्रत्येक थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ नियुक्त कर्मचारियों को भली भांति ब्रीफ करते हुए इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पुलिसकर्मी बिना सुरक्षा उपायों के सीधे जनता के सम्पर्क में न आये।प्रत्येक थाने में फर्स्ट रिस्पांडेड टीम गठित की गयी है,किसी घटना के घटित होने अथवा जनता से सीधा सम्पर्क होने पर उक्त टीम द्वारा ही आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

प्रत्येक थाना प्रभारी यह प्रयास करे कि सूचना मिलने के बाद से घटना स्थल तक पहुँचने तक उक्त टीम का रिस्पांस टाइम कम से कम हो।इसके अतिरिक्त प्रत्येक थाना प्रभारी के संज्ञान में यह बात होनी चाहिए कि उसके थाना क्षेत्र में कितने कर्मचारी ग्रुप ड्यूटी में नियुक्त हैं तथा उसका कारण क्या है, यदि संभव हो तो उन्हें चिन्हित करते हुए प्रत्येक कर्मी की ड्यूटी का दायरा कम से कम रखा जाए,जिससे वह एक दूसरे के संपर्क में कम से कम आ सकें।

प्रत्येक थाना प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ नियुक्त कर्मचारी या तो ड्यूटी पर है या ड्यूटी के बाद अपने रुकने वाले स्थान पर,चाहे वह थाने की बैरिक हो या उनका घर,यदि कोई कर्मचारी वर्तमान परिदृश्य में अपने घर नहीं जाना चाहता है तो उसके रहने की व्यवस्था अन्यत्र ही की जाये।

प्रत्येक पुलिसकर्मी को भली भांती ब्रीफ कर दें कि वह अपने साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा का भी ध्यान रखें तथा वर्तमान परिस्थितियों में अपने परिवार को भी प्रेरित करें कि जब तक बहुत आवश्यक न हो घर से बाहर न निकलें। ड्यूटी के अतिरिक्त यदि कोई कर्मचारी अनावश्यक रूप से घूमता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी लाॅकडाउन के उल्लंघन के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।

प्रत्येक थाना प्रभारी की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह अपने अधीनस्थ नियुक्त कर्मियों के स्वास्थ्य के सम्बंध में नियमित रूप से जानकारी प्राप्त करेंगे,यदि किसी कर्मचारी में संक्रमण से सम्बन्धित कोई लक्षण दिखे तो तत्काल इसकी सूचना कोविड कंट्रोल रूम को दी जाएगी,जिनके माध्यम से उक्त कर्मचारी की सैंपलिंग करवायी जायेगी।

ड्यूटी के दौरान अपना व्यवहार संयमित रखें तथा सभी सुरक्षा उपायों के साथ आम जन-मानस की हर सम्भव मदद का प्रयास करें पर इस दौरान सुरक्षा उपायों से किसी भी प्रकार का समझौता न करें।

Print Friendly, PDF & Email

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close