उत्तराखंडऋषिकेश

ग्रहण काल में की गयी पूजा जप ध्यान स्नान अत्यधिक लाभकारी:महन्त स्वामी दुर्गाराम चरण दास गिरि

-रविवार 21 जून को बन रहा चूड़ामणि सूर्य ग्रहण योग

ऋषिकेश।रविवार 21 जून 2020 को चूड़ामणि सूर्य ग्रहण योग बन रहा है जो मृगशिरा व आर्द्रा नक्षत्र पर लग रहा है।

आपको बता दें श्री इंद्रेशवर महादेव सिद्धपीठ मंदिर के पीठाधीश्वर महन्त स्वामी दुर्गाराम चरण दास गिरि ने बताया कि और इसका सूतक 20 जून 2020 को रात्रि 10.25 pm पर लग जायेगा व ग्रहण 21 जून को ग्रहण का स्पर्श प्रात: 10.25 पर व ग्रहण का मध्य 12.6 मिनट 37 सेकेण्ड पर व मोक्ष दोपहर 1.51 मिनट पर होगा।

ग्रहण काल में की गयी पूजा जप ध्यान स्नान अत्यधिक लाभकारी होते है।मंत्र सिद्ध करने का यह शुभ समय है,जो उपासक अपने किसी भी प्रकार के कार्य की सिद्धि व कल्याण चाहते हो तो वे भोज पत्र या पीले चकोर कपड़े पर (केसर युक्त अष्टगंध या हल्दी कुमकुम व सूखी मेहन्दी की स्याही बना अनार की क़लम ) से शक्ति यंत्र बना,यन्त्र के मध्य में ऊँ व तीनों कोने पर क्रम से ऐं.ह्रीं,क्लीं लिखकर उस यंत्र की पूजा करें व घी का दीपक प्रज्वलित कर संकल्प सहित शक्ति के मंत्र का अधिकाधिक जप करें व बाद में शक्ति यंत्र को अपने पूजा स्थल व्यापार स्थल या जहॉ मन हो वहॉ स्थापित करें,कार्य सिद्ध होगा।

विभिन्न राशियों पर इस सूर्य ग्रहण का फल

1- मेष- लाभ , 2- वृष- हानि , 3- मिथुन – कष्ट, 4- कर्क- हानि, 5- सिंह- लाभ, 6 कन्या- शुभ, 7- तुला- अशुभ, 8-वृश्चिक – कष्ट,9-धनु -चिन्ता 10- मकर- शुभ, 11-कुम्भ – चिन्ता 12- मीन-कष्ट।

ग्रहण काल में दान

काल (11.55am से 12.06 ) के समय ये सामग्री दान हेतु निकाल सकते है,सरसों का तेल,दूध,चीनी,गुड,चायपत्ती,उड़द,फल,जौ,तिल,सूखागोला,लालवस्तु,कपड़ा,सतनाजा व पॉच प्रकार की दालें मिलाकर को मन ही मन संकल्प कर हाथ में ले या छु ले और 1.51pm पर हो सके तो कही किसी को दान कर दे या मंदिर मे रखवा दें दक्षिणा सहित।

गृभवती स्त्रीयों को ग्रहण काल में कमरे से बहार नही आना चाहिये है यानी सूर्य की छाया में भी नही आना चाहिए।दॉत से कुछ चबाये ना,कैंची,चाक़ू कम्प्यूटर आदि ना चलाए।सोये ना स्वयं में क्रोध चिड़चिड़ापन ना आने दें ओर अतिआवश्यक हो तो तरल पदार्थ का सेवन व दवा ले सकते है।

शास्त्रानुसार बच्चे बुढे,रोगी,दवा जल भोजन ग्रहण कर सकते है ओर गृभवती स्त्री उठते बैठते लेटते हुये लगातार इस मंत्र का जाप करते रहे।

देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि मे परम् सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ।।

कुछ शक्ति मंत्र

1-ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं नम:

2- ऊँ क्लीं क्लीं कालिकायै नम:

3- ऊँ ऐं नम: (बुद्धि विद्या हेतु )

4- ऊँ ह्रीं नम: (लक्ष्मी हेतु )

5- ऊँ क्लीं नम: ( शक्ति हेतु ) कम से कम 21 माला

6- ऊँ एें ह्रीं क्लीं चामुण्डाये विच्चे नम:

सर्वा बाधा विनिर्मुक्तो,धन्यधान्य सुतान्विता।
मनुष्यो मत्प्रसादेन,भविष्यति न संशय:।।

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