उत्तराखंडऋषिकेश

एम्स ऋषिकेश द्वारा कोविड–19 कम्युनिटी टास्क फोर्स की ओर से यमकेश्वर प्रखंड के विद्यालय में निशुल्क मास्क वितरण कार्यक्रम

 

 

 

ऋषिकेश।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश कोविड–19 कम्युनिटी टास्क फोर्स की ओर से यमकेश्वर प्रखंड के विद्यालय में निशुल्क मास्क वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक शिक्षकों व विद्यार्थियों को मास्क वितरित किए गए। साथ ही आर्थिकरूप से कमजोर ग्रामीणों व अकुशल श्रमिकों को घर-घर जाकर कपड़े के मास्क ​दिए गए।

इस दौरान उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए एहतियातन मास्क का अनिवार्यरूप से इस्तेमाल और एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाए रखने की अपील की गई। इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने आगाह किया कि असावधानी बरतने से फिर से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, इसी के मद्देनजर कोविड19 टास्क फोर्स द्वारा लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जो भी जरुरी सावधानी बरती जानी है (कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर) से लोगों को घर-घर व विद्यालयों में जाकर जागरुक किया जा रहा है।

लिहाजा लोगों को इस बाबत बताई गई बातों का हरहाल में पालन सुनिश्चित करना चाहिए। एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में राजकीय इंटर मीडिएट कॉलेज गंगाभोगपुर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विद्यार्थियों को 2 गज की दूरी पर बिठाया गया और उन्हें कोविड19 संक्रमण के मद्देनजर इसका महत्व समझाया गया।

इस दौरान कोविड19 कम्यूनिटी टास्क फोर्स के सदस्यों ने उन्हें कोरोना महामारी संबं​धित विस्तृत जानकारियां दी। इस दौरान संस्थान की ओर से विद्यालय स्टाफ व छात्र-छात्राओं को सेनेटाइजर, मास्क का वितरण किया गया और उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन सुनिश्चित करने, अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने व सामाजिक दूरी(एसएमएस) का पालन करने को कहा गया।

एम्स की टीम द्वारा उन्हें कपड़े अथवा शल्य चिकित्सा में प्रयोग किए जाने वाले मास्क के उपयोग के तौर तरीके बताए गए। साथ ही बताया कि कपडे़ के मास्क का इस्तेमाल करने के बाद साबुन से अच्छी तरह से धोकर दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। उनसे अपील की गई कि यदि कोई व्यक्ति घर अथवा सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क लगाए दिखाई पड़े तो उसे शीघ्र ही मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें और मास्क का प्रयोग नहीं करने से होने वाले संक्रमण के खतरों से अवगत कराएं।

बच्चों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और अति आवश्यकता पड़ने पर ही मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने की अपील की गई।इस दौरान विद्यार्थियों से कोरोना वायरस से संबंधित सामान्यज्ञान के प्रश्न पूछे गए, जिनका बच्चों ने सकारात्मक जवाब दिए ।इसके अलावा एम्स की कोविड19 टास्क फोर्स ने गंगाभोगपुर क्षेत्र में आर्थिकरूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों व गांव में कार्यरत अकुशल श्रमिकों को घर- घर जाकर कपडे़ के मास्क वितरित किए।

एम्स के इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता नवीन मोहन ने कहा कि कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरुक करने का जिम्मा सिर्फ मेडिकल संस्थानों व चिकित्सकों का ही नहीं है,बल्कि इसको लेकर सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता नवीन मोहन, एम्स के डा.भीम दत्त सेमवाल, विकास सजवाण,हिमांशु ग्वाड़ी, त्रिलोक सिंह आदि मौजूद थे।

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